Parivahan Bhawan, Patna
सवेरे का सपना था, इसलिये याद रह गया।
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सवेरे का सपना था। इसलिये याद रह गया। वह सड़क किनारे बैठा था। बगल में बरसात
का पानी भरा एक छोटा गड्ढा था। कीचड़ था। रात में पानी बरसा होगा। उसे उठने की
जल्द...
12 hours ago


Kargil, Patna
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