IGIMS, Patna
कालीन का कारीगर
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गुन्नीलाल जी के यहाँ से लौट रहा था। सवेरे साढ़े आठ का समय। धूप अभी तीखी
नहीं हुई थी। सामने एक आदमी साइकिल पर था — सिर पर गमछे का फेंटा बाँधे, पीठ
सीधी, पीछ...
1 week ago




Seven Martyrs 


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