कविता:बोलो बोलो क्या क्या बदलें ?-प्रभुदयाल श्रीवास्तव
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बोलो बोलो क्या क्या बदलें हवा और क्या पानी बदलें स्वच्छ चांदनी रातें बदलें
या फिर धूप सुहानी बदलें? शीतल मंद पवन कॆ झोंके आंधी के पीछे पछियाते मीठा
मीठा ...
3 hours ago


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