खाड़ी की जंग से पस्त अर्थव्यवस्था के बहाने कुछ विचार
-
चार महीने पहले तक हम अर्थव्यवस्था की मजबूती की खुशफहमी में थे कि होरमुज़ की
जंग ने सपना तोड़ दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया गिर रहा था पर उसे हम अपने
निर्यात ...
3 days ago


1 comment:
चलेगी कहाँ तक सियासत तुम्हारी
सभी को पता है शराफत तुम्हारी
बहुत हो चुका अब न वादे करो तुम
की हम जानते हैं हकीकत तुम्हारी.
Post a Comment